बिसौली। तप करने न सिर्फ मन शुद्ध होता है बल्कि मनुष्य की समस्त इच्छाएं भी पूर्ण हो जाती हैं।


बिसौली। आई पी न्यूज़
तप करने न सिर्फ मन शुद्ध होता है बल्कि मनुष्य की समस्त इच्छाएं भी पूर्ण हो जाती हैं। अधर्म के लिए तप करने वाले भगवान के कोप का भाजन बन जाते हैं।
कथावाचिका अम्बिका देवी ने उक्त विचार गांव पिंदारा में चल रही भागवत कथा के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिरण्यकश्यप ने कठिन तपस्या कर अनेक वरदान प्राप्त किए लेकिन उनका प्रयोग अधर्म में करने के कारण भगवान ने नरसिंह रूप धारण कर उसका वध कर दिया। अंबिका देवी ने स्त्री, ब्रह्मचर्य, वानप्रस्थ व सन्यास धर्म का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने ग्राह वध, समुद्र मंथन व वामन अवतार के प्रसंग सुनाए तो श्रोता भावविभोर हो गए। भगवान राम के जन्म की संगीतमय कथा के दौरान पंडाल में मौजूद लोग नृत्य करने लगे। इस अवसर पर प्रधान संजीव यादव, प्रमोद उपाध्याय, पंकज, राहुल आदि प्रमुखता से मौजूद रहे।

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